गाडी वाले मैंने बैठाले एक बै गाडी डाट भक्त मै हार लिया।

नरसी भक्त यु कहन लगे या गाडी मेरी पुरानी है।

वो बोल्या मै ठीक करु या मेरे तै के छयानी है।

खाती मेरी जात भक्त जी कृष्णा मेरा नाम भक्त मै हार लिया।

गाडी वाले…।

गाडी लगे सुधारन हरी जी हाथ बैसोली आरी थी।

टुटी गाडी नरसी भक्त की हरी जी ने तुरन्त सुधारी थी।

वो बोल्या मै भजन सुनाऊँ नहीं मेरे पे दाम भक्त मै हार लिया।

गाडी वाले…।

सोलह साधु बैठ लिये हर की फेर रहे माला।

पवन वेग तै गाडी चाली प्रभु बन गए गढ़वाल।

कही गढवाला कही रखवाला आप बने भगवान भक्त मै हार लिया।

गाडी वाले…।

श्री कृष्ण जी ने हाथ लगाया बैलों मे बल आया था।

थोड़ी देर मे नरसी भक्त को सिरसागढ़ पहुचायाँ था।

वो बोल्या मैंने जाना होगा एक जरुरी काम भक्त मै हार लिया।

गाडी वाले…।

इस भजन की अन्य रिकॉर्डिंग


0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *