
भजन के बारे में
सालासर बालाजी की यात्रा का हरियाणवी भजन। भक्त गाड़ी वाले से कहती है — मुझे भी सालासर ले चल; वह बाबा के लिए गंगाजल, लाल लंगोट, सिंदूर और खीर-चूरमे का भोग लेकर जा रही है।
कब गाया जाता है: सालासर यात्रा, मंगलवार-शनिवार और हनुमान जयंती पर।
मुखड़ा (Hinglish): Gaadi waale mainai baitha le Salasar le chaal, kiraaya ke lega.
भजन के बोल
गाडी वाले मैनै बैठा ले सालासर ले चाल
किराया के लेगा।
गंगाजल मै लाई सु बाबा नै नुहावन आई सु।
मै भी नुहाऊ तु नुहावै होजा बेड़ा पार किराया के लेगा।
गाडी वाले…।
लाल लंगोटा लाई सु बाबा नै पहरावन आई सु।
मै भी पहराऊ तु भी पहरावे होजा बेड़ा पार किराया के लेगा।
गाडी वाले…।
लाल सिंदुरा लाई सु तिलक लगावन आई सु।
मै भी लगाऊ तु भी लगावै होजा बेड़ा पार किराया के लेगा।
गाडी वाले…।
खाली झोली लाई सु बाबा तै भरावन आई।
मै भी भराऊ तु भी भरा ले होजा बेड़ा पार किराया के लेगा।
गाडी वाले…।
खीर चुरमा लाई सु भोग लगावन आई सु।
मै भी लगाऊ तु भी लगाले होजा बेड़ा पार किराया के लेगा।
गाडी वाले…।
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