एक वानर बलवान तेरी हो लंका मे आया है।

फल खाए और बाग उजाड़े।

कर दिए उसनै बहुत कबाड़े।

हरा बाग बेहाल इसा हो घमसान मचाया है।

एक वानर…।

वानर है वो शक्ति रै शाली ।

उसने मार दई सेना ओ सारी।

रावण का मारा अभिमान इसा हो एक वानर आया है।

एक वानर…।

अपने को कहता पवन पुत्र हूँ।

बनके आया राम दुत हूँ।

नाम बतावै हनुमान इसा हो एक वानर आया है।

एक वानर…।

रावण होश करो अभिमानी।

जाके राम से मांग लो माफी।

सीता दो पहुचाए नहीं तो काल सबका आया है।

एक वानर…।

बाबा हनुमान तुझे हो समझाए।

ब्रह्मा विष्णु तेरा हो गुण गाए।

छोड दिए अभिमान तेरा जो जुल्म कमाया है।

एक वानर…।


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