दूर ढोलक बाजै गणपत नाचे।

धीरे धीरे नाचो हो गणेश दूनिया देखै सै।

चांदी बाल्टी गंगाजल पानी।

धीरे धीरे नहाओ हो गणेश दूनिया देखै सै।

दूर ढोलक…।धीरे धीरे…।

पाट पिताम्बर टसरी की धोती।

धीरे धीरे पहरो हो गणेश दूनिया देखै सै।

दूर ढोलक…।धीरे धीरे…।

घिस घिस चंदन भरी ऐ कटोरी।

तिलक लगाओ हो गणेश दूनिया देखै सै।

दूर ढोलक…।धीरे धीरे…।

सोने की थाली मे मोदक परोसा।

धीरे धीरे खाओ हो गणेश दूनिया देखै सै।

दूर ढोलक…।धीरे धीरे…।

संगमरमर का मन्दिर बनाया।

धीरे धीरे बैठो हो गणेश दूनिया देखै सै।

दूर ढोलक…।धीरे धीरे…।

अमवा डाली पे झूला हे घलाया।

धीरे धीरे झुलो हो गणेश दूनिया देखै सै।


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