देबी मैया के भवन मे घुटवन खेलै लांगुरिया।

लांगुर गए बाजार को और टीका लाए मोल।

पहरेगी तो पहरेगी ना करु भवन शोर।

देबी मैया…।

लांगुर गए बाजार को और माला लाए मोल ।

पहरेगी तो पहरेगी ना करु भवन शोर।

देबी मैया…।

लांगुर गए बाजार को साड़ी लाए मोल।

पहरेगी तो पहरेगी ना करु भवन शोर।

देबी मैया…।

लांगुर गए बाजार मे और पायल लाए मोल।

पहरेगी तो पहरेगी ना करु भवन शोर।

देबी मैया…।


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