भजन के बारे में

कृष्ण लीला का भजन — कान्हा चूड़ी बेचने वाले का भेष बनाकर ब्रज में आते हैं और ब्रजबालाओं से कहते हैं कि मेरी लाल, गोरी और काली चूड़ियों का रंग निराला है; आखिर में बताते हैं कि मैं तो नंद जी का लाल हूँ और राधा के लिए आया हूँ।

कब गाया जाता है: जन्माष्टमी, राधाष्टमी और कृष्ण कीर्तन में।

मुखड़ा (Hinglish): Choodiyan le lo Brajbaala, main choodiyan bechne waala.

भजन के बोल

चुड़ियां ले लो ब्रजबाला मै चुड़ियां बेचेने वाला।

चुड़ी का रंग निराला मै चुड़ी बेचेने वाला।

चुड़ियां ले लो…।

ये चुड़ी मेरी लाल ये करती बडा कमाल।

अरे तुम क्या जानो सखियों मै नन्द जी का लाल।

चुड़िया ले लो…।चुड़ी का रंग…।

चुड़ियां ले लो…।

ये चुड़ी मेरी गौरी ये पहने बाकी छोरी।

अरे तुम क्या जानो सखियों मै आया चोरी चोरी।

चुड़िया ले लो…।चुड़ी का रंग…।

चुड़ियां ले लो…।

ये चुड़ी मेरी काली ये चाल चले मतवाली।

अरे तुम क्या जानो सखियों मेरी राधा आने वाली।

चुड़िया ले लो…।चुड़ी का रंग…।

चुड़ियां ले लो…।

मेरी चुड़ी का रंग पीला मै हूँ छैल छबीला।

अरे तुम क्या जानो सखियों मै रास रचाऊ लीला।

चुड़िया ले लो…।चुड़ी का रंग…।

चुड़ियां ले लो…।

मेरी चुड़ी का रंग निराला राधा

 गौरी श्याम है काला।

अरे तुम क्या जानो सखियों ये

पहने किस्मत वाला।

चुड़िया ले लो…।चुड़ी का रंग…।

चुड़ियां ले लो…।

इस भजन की अन्य रिकॉर्डिंग


0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *