Ram bhajan
भज ले प्यारे सांझ सवेरे
भज ले प्यारे सांझ सवेरे एक माला हरि नाम कि। जिस माला मे राम नहीं वो माला है किस काम कि। नाम के बल पर बजंरगी ने सागर सिला तराई थी। बाण लगा जब लखन लाल क़ संजीवनी पिलाई थी। नाम के बल पर देखो भाई बन आई हनुमान कि। Read more…








