Ram bhajan
म्हारी सुरता घुंघट के पट खोल
म्हारी सुरता घुंघट के पट खोल दिखाऊँ तनै हरी नगरी। अविनाशी है पति हमारे।जीवन मरण से है वो न्यारे। हे म्हारी हेली गैरा संग मत डोल पिया संग जा नगरी। म्हारी सुरता💐💐💐💐💐💐💐💐💐। काया माया संग नहीं जानी।फिर क्यों खाक जगत की छानी। हे म्हारी हेली जैसे कुंए बिच डोल भरैगी Read more…






