
भगवान तुम्हारी दुनिया मे कोए राजा कोए भिखारी है।
कोए धार काढ़ रहा झोटी की
कोए भीख मांग रहा रोटी की।
कोए होजा किस्मत खोटी का कोए पहरै ताज सुनहरी का।
भगवान …।
कोए बैठा कालर खोरी मै कोए बैठा महल अटारी मै।
कोए चालै मोटर लारी मै कोए झोटे की असवारी मै।
भगवान…।
कोए दीप चाश रहा नोहरे मै कोए बैठा घोर अंधेरे मै।
कितै जगमग-जगमग हो रही सै कितै आधी रात अंधेरी सै।
भगवान…।
कोए लम्बी लटा बढा रहा सै कोए तन मै राख रमा रा सै।
कोए बैठा गुरु के डेरे मै कोए भगती करै तुम्हारी है।
भगवान…।
कोए हीरा जन्म गवां रहा सै कोए योगी योग करा रा सै।
कोए अपना भाग्य बना रहा सै जिसनै ले लई शरण तुम्हारी है।
भगवान …।
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