बजरंग बाला मेरा काम करदे।

राम जी के नाम मेरी चिठ्ठी लिख दे।

पहले सियाराम के चरण तुम छुना।

फिर दोनों को मेरी राम-राम कहना।

कब पुछेंगे मेरा हाल लिख दे।

राम जी…।

बजरंग बाला…।

बालपन मैने खेल मे खोया।

भरी जवानी खूब कमाया।

आया बुढापा तब यादआया।

राम जी…।

बजंरग बाला…।

काम क्रोध मद लोभ मे फंस गया।

मोहमाया के जाल मे घिर गया।

ह्रदय मे करे उजियारा लिख दे।

राम जी …।

बजंरग बाला…।

अर्जी मेरी तुम राम को लगाना।

भवसागर से पार कराना।

माफ मेरे कसुर कर दे।

राम जी…।

बजंरग बाला…।


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