Ram bhajan
सरवर गिरधारी चलो -2
सरवर गिरधारी चलो -2 लेते चले नीर रे, चलत चलत पहुंचे सरयू के तीर रे। मात पिता श्रवण के अन्धे कावड़ मे बैठायके। पहुंच गए सरयू के तट पे सब तीर्थ करवाय के। माटे से मिटती नाही-2 कर्म की लकीर रे, चलत चलत पहुंचे सरयू के तीर रे। मात पिता Read more…







