Shiv bhajan
तेरे डमरु की धुन सुनके मै काशी नगरी आई हूँ।
तेरे डमरु की धुन सुनके मै काशी नगरी आई हूँ। मै काशी नगरी आई हूँ मै काशी नगरी आई हूँ। तेरे डमरू की💐💐💐💐💐💐💐💐। सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी मे मुक्ति है। उसी मुक्ति को पाने को मै काशी नगरी आई हूँ। तेरे डमरु की💐💐।मै काशी नगरी💐💐। तेरे डमरु Read more…








