Mata bhajan
रामचन्द्र की धोली हेली मै दुसर लेके आई।
रामचन्द्र की धोली हेली मै दुसर लेके आई। सास ननद की घनी लाडली मै सांझै सोवन खंदाई। खड़ी खड़ी के पैर सुजगे बोलया ना मर्द कसाई। तेरे तै रै गौरी जब बोलुंगा बुलवादे भावज प्यारी। दमदम करती हे तलै उतराई मैंने सुती जिठानी जगाई। जाए जिठानी तेरा देवर बुलावै एक Read more…









