krishan bhajan
टोकरी हे सिर पै धर के जमना मै बड़ गया वासुदेव।
टोकरी हे सिर पै धर के जमना मै बड़ गया वासुदेव। मेह बरसै सै ऐ मुसलधारा । उपर गरजे बादल काला। कालजा ए धक-धक कर रहा जमना मै बड़ गा वासुदेव। टोकरी हे💐💐💐💐💐💐💐💐💐। जब जमना मै ऐ पैर दिया सै। कृष्ण जी ने पावं लटकाया। ख्याल बेटे का करके जमना Read more…








