krishan bhajan
चंदनी सी रात चटक
चंदनी सी रात चटक रहा तारा तो चाल चन्दरावल पानी कैसे हो भर ल्याऊ जल जमना कि झारी।सासं सुपाती मेरी नन्द हठीली के रात नै खंदा दई पानी कैसे हो भर ल्याऊ जल जमना कि झारी।उरलै तो मरवन मेरो घड़ो हे ना डुबै तो परलै खड़ा सै मुरारी कैसे हो Read more…







