krishan bhajan
मेरे उठे विरह की पीर सखी री वृन्दावन जाऊंगी
मेरे उठे विरह की पीर सखी री वृन्दावन जाऊंगी ।वृन्दावन जाऊंगी सखी री वृन्दावन जाऊंगी। बाजे मुरली यमुना तीर सखी री वृन्दावन जाऊंगी । श्याम सलोनी मुरत की दिवानी हो गई। मै कैसे धारु धीर सखी री वृन्दावन जाऊंगी । मेरे उठे…………………..। छोड़ दिया मैंने भोजन पानी श्याम कि याद Read more…







