आती आती हार लई ओ बाबा कब मेरी बात बनेगी।

कब मेरी बात बनेगी ओ बाबा कब मेरी बात बनेगी।

आती आती हार गई…।

कई साल तेरे जोहड़ छाटे।

जगह जगह भंडारे बाटें।

हो लाचार गई हो बाबा कब मेरी बात बनेगी।

आती आती हार…।

आई दौज तेरा करु जागरण।

लोग कहवै मै तो हो गई जोगन।

हाय क्यु मझधार रही हो बाबा कब मेरी बात बनेगी।

आती आती हार…।

भगतो नै मै खूब बहकाई।

बाबा जी मेरी करो सहाई।

मन मै विचार गई हो बाबा कब मेरी बात बनेगी।

आती आती हार…।

कहवै भगतसिंह भजन करु सु।

तेरा निशदिन तजन करु सु।

हाय रे नैया पार हुई हो बाबा कब मेरी बात बनेगी।

आती आती हार…।


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