
भजन के बारे में
माता रानी के भोग का भजन — पाँचों पांडवों ने मैया का भवन बनाया और अर्जुन ने चँवर ढुलाया; भक्त हथेली पर कटोरी रखकर तिलक लगाता है, जलेबी का भोग लगाता है और प्रार्थना करता है कि भोग अमृत हो जाए।
कब गाया जाता है: माता की चौकी, जागरण और नवरात्रि में भोग लगाते समय।
मुखड़ा (Hinglish): Aao aao Maiya ji bhog lagao Maiya ji, mera bhog karo sweekar.
भजन के बोल
आओ आओ मैया जी भोग लगाओ मैया जी
मेरा भोग करो स्वीकार आओ भोग लगाओ मैया जी।
किसने मैया तेरा भवन बनाया किसने
चंवर ढुलाया मै वारि जाऊ किसने चंवर ढुलाया।
पाचों पाचों पाडंव मैया भवन बनाया अर्जुन
चंवर ढुलाया मै वारि जाऊ अर्जुन चंवर ढुलाया।
आओ आओ मैया…।
हाथ हथेली मैया बीच कटोरी मैया जी को तिलक
लगाऊ मै वारि जाऊ मैया जी को तिलक लगाऊ।
आओ आओ…।
हाथ हथेली मैया बिच जलेबी मैया जी को भोग
लगाऊ मै वारि जाऊ मैया जी को भोग लगाऊ।
आओ आओ…।
ऐसा भोग लगाओ मेरी मैया सब अमृत हो जाए
मै वारि जाऊ सब अमृत हो जाए।
आओ आओ…।
जो कोई इस भोग को खाये वो ही अमर हो जाए
मै वारि जाऊ वो ही अमर हो जाए।
आओ आओ…।
सारी संगत की एक ही अर्जी आकर दर्श दिखाओ
मै वारि जाऊ आकर दर्श दिखाओ।
आओ आओ…।
0 Comments