
आगे-आगे लांगुर पिछे भैरों बाबा।
बिच मे भवानी आई रे माँ कालका।
अंग मैया के साड़ी सोहे।
चुनरी पे बहार आई रे माँ कालका।
आगे-आगे…।
शीश मैया के मुकुट विराजे ।
बिन्दियां पे बहार आई रे माँ कालका।
आगे-आगे…।
कान मैया के झुमके सोहे।
नथली पे बहार आई रे माँ कालका।
आगे-आगे…।
गले मैया के हरवा सोहे।
माला पे बहार आई रे माँ कालका।
आगे-आगे…।
हाथ मैया के कंगना सोहे।
महेंदी पे बहार आई रे माँ कालका।
आगे-आगे…।
कमर मैया के तगड़ी सोहे।
गुच्छे पे बहार आई रे माँ कालका।
आगे-आगे…।
पैर मैया के पायल सोहे।
महावर पे बहार आई रे माँ कालका।
आगे-आगे…।
भोग मैया के हलवा सोहे।
छोले पे बहार आई रे माँ कालका।
आगे-आगे…।
भेट मैया के नारियल सोहे।
झंडे पे बहार आई रे माँ कालका।
आगे-आगे…।
भवन मैया के चौकी सोहे।
संकट काटने आई रे माँ कालका।
आगे-आगे…।
भवन मैया के आसन सोहे।
दर्श दिखाने आई रे माँ कालका।
आगे-आगे…।
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