
मेरे द्वारका से आए दीनानाथ आज
मेरे ग्यारस है।
मेरे गोकुल से आए दीनानाथ आज
मेरे ग्यारस है
गंगा जी से जल भर लयाई।
तेरे चरण धुलाऊ भगवान आज मेरे
ग्यारस है।
मेरे द्वारका मे💐💐💐💐💐💐।
फूलों से मैंने चौकी सजाई।
चौकी सजाई मैंने आसन बिछाया।
मेरे बैठ गए भगवान आज मेरे
ग्यारस है।
मेरे द्वारका मे💐💐💐💐💐💐।
शीश पे मोर मुकुट की टोपी।
पिला पिताम्बर टसरी की धोती।
आज तुमको पहनाऊ भगवान आज मेरे
ग्यारस है।
मेरे द्वारका मे💐💐💐💐💐💐।
घिस घिस चंदन भरी कटोरी।
तुम्हे तिलक लगाऊ भगवान आज मेरे
ग्यारस है।
मेरे द्वारका मे💐💐💐💐💐💐।
चुन चुन कलिया हार बनाया।
तुम्हें हार पहनाऊ भगवान आज मेरे
ग्यारस है।
मेरे द्वारका मे💐💐💐💐💐💐।
माखन मिश्री मै ले आई।
दो पती तुलसा की लयाई।
तुम्हें भोग लगाऊ भगवान आज मेरे
ग्यारस है।
मेरे द्वारका मे💐💐💐💐💐💐।
घर घर से प्रभु सखियां बुलाई।
तुझे भजन सुनाऊ भगवान आज मेरे
ग्यारस है।
मेरे द्वारका मे💐💐💐💐💐💐।
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