ऊचे पर्वत पे लगा है दरबार हमारी शेरावाली का।

लाल है बिंदियां  लाल है टीका और सिन्दूरा लाल।

कितना प्यारा किया है श्रृंगार हमारी शेरावाली का।

ऊचे पर्वत पे💐💐💐💐💐💐💐।

नैनन कजरा होठन लाली और है माला लाल।

दोनों हाथों मे लिए है तलवार हमारी शेरावाली का।

ऊचे पर्वत पे💐💐💐💐💐💐💐।

कमर मे तगड़ी पैर महावर बिछिया तो है साथ मे।

देखो पायल की है झनकार हमारी शेरावाली का।

ऊचे पर्वत पे💐💐💐💐💐💐💐।

लाल है साड़ी लाल है लहंगा लाल चुनरिया ओढे।

इनकी महिमा कही ना जाए हमारी शेरावाली का।

ऊचे पर्वत पे💐💐💐💐💐💐💐।

ढोलक बाजे और मंझीरे सखियाँ आई साथ।

मेरी माँ की जय जयकार हमारी शेरावाली का।

ऊचे पर्वत पे💐💐💐💐💐💐💐।


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