गोविंद हरे गोपाल हरे मन भजो प्रभु 

दीनदयाल हरे।

मैने चांदी का दान केदारनाथ मे किया।

मेरी ग्यारस के बराबर वो भी ना हुआ।

गोविंद हरे गोपाल💐💐💐💐💐💐।

मैंने अन्न का दान बद्रीनाथ मे किया।

मेरी ग्यारस के बराबर वो भी ना हुआ।

गोविंद हरे गोपाल💐💐💐💐💐💐।

मैंने गऊ का दान वृन्दावन मे किया।

मेरी ग्यारस के बराबर वो भी ना हुआ।

गोविंद हरे गोपाल💐💐💐💐💐💐।

मैंने कन्या का दान जमाई राजा को किया।

मेरी ग्यारस के बराबर वो भी ना हुआ।

गोविंद हरे गोपाल💐💐💐💐💐💐।

मैंने तुलसी का दान मन्दिर मे किया।

मेरी ग्यारस के बराबर वो भी ना हुआ।

गोविंद हरे गोपाल💐💐💐💐💐💐।


0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *