बोली मतना मारै री सासु मेरै ना माँ 

जाया बीर भात मेरै कौन भरैगा मेरा

बाबुल बना फकीर।

गोले तै भी ज्यादा हो सै बोली का 

असर गात मै।

मिले हुए मन तुरंत पाट जा पड़

जाता फर्क बात मै।

दुनिया करै मखौल मानस का सदा 

बिगड़ी हुई बात मै।

वा औरत रोवै सै भाई नै जिसकी माड़ी

हो तकदीर।

सासु तेरे ना मेरे हाथ मै ये तो होनहार तकदीर

भात मेरै कौन भरैगा मेरे बाबुल बने फकीर।

बोली मतना मारै💐💐💐💐💐💐।

ढलती फिरती छाया री सासु घना

घंमड करा ना करते।

बडे टुक बेसक तै खाले बडी बात कहा

ना करते।

दिन के बादशाह मरा करै सै वे रुलते फिरै

वजीर भात मेरै कौन भरैगा मेरे बाबुल बने फकीर।

बोली मतना मारै💐💐💐💐💐💐।

बिगड़ी मै री मेरे बाप की तु जात बिगाड़ै मतना।

किसके घर ले जा के बैठु ढके ढोल उघाड़ मतना।

बैरन धरती पाड़ै री मतना मत मारे जिगर मै

तीर भात मेरै कौन भरैगा मेरे बाबुल बने फकीर।बोली मतना मारै💐💐💐💐💐💐।

झुक झुक करे सलाम या दुनिया जिसकी 

हो चादर धोली।

जिसका पल्ला खाली हो जा लगै सारे

काम के ओले ।

उनकी कोली भरा करै सै जिनकै दौलत का

हो ढेर भात मेरै कौन भरैगा मेरे बाबुल बने फकीर।

बोली मतना मारै💐💐💐💐💐💐।

कदे ठोकरा माय पड़ी थी बाबुल का बखत

बिगड़ गया।

कुछ भी कह ले मजबुरी मै तेरा ताना सुनना

पड़ गया।

हे हरनन्दी रोवै मतना तेरा बनै कन्हैया बीर

भात तेरै श्याम भरैगा तेरी खुल जाएगी तकदीर बोली मतना मारै💐💐💐💐💐💐।


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