
आओ भोग लगाओ मेरे मोहन।
भिलनी के बेर सुदामा के चावल।
रुच-रुच भोग लगाओ मेरे मोहन।
आओ भोग💐💐💐💐💐।
दुर्योधन की मेवा छोडी।
साग विदुर घर खायो मेरे मोहन।
आओ भोग💐💐💐💐💐।
मात यशोदा दही बिलोवै।
माखन मिश्री खाओ मेरे मोहन।
आओ भोग💐💐💐💐💐।
नरसी भक्त की हुण्डी शिकरी।
सावँल शाह बन आओ मेरे मोहन।
आओ भोग💐💐💐💐💐।
पूर्व पश्चिम उत्तर दक्षिण।
चारो दिशाओं से आओ मेरे मोहन।
आओ भोग💐💐💐💐💐।
ऐसा भोग लगाओ मेरे मोहन।
सब अमृत बन जाए मेरे मोहन।
आओ भोग💐💐💐💐💐।
इस अमृत को जो कोई खावे।
चरणों का दास बन जाए मेरे मोहन।
आओ भोग💐💐💐💐💐।
सब भगतो की एक अर्जी।
आके दर्श दिखाओं मेरे मोहन।
आओ भोग💐💐💐💐💐।
0 Comments