होली खेले भोलेनाथ देखो गौरा जी के पीहर मे।

देखो गौरा जी के पीहर मे-2।

होली खेले भोलेनाथ…।

गौरा की बहन निराली वो सीता जनकपुर वाली।

होली खेले सारी रात देखो गौरा जी के पीहर मे।

होली खेले भोलेनाथ…।

गौरा की बहन निराली वो काली कलकत्ते वाली।

देखो भीग रही खूद साथ देखो गौरा के पीहर मे।

होली खेले भोलेनाथ…।

गौरा की बहन निराली वो ज्वाला हिमाचल वाली।

भोले हसकर करते बात देखो गौरा के पीहर मे।

होली खेले भोलेनाथ…।

गौरा की बहन निराली वो वैष्णो जम्मू वाली।

करती रंगो की बरसात देखो गौरा के पीहर मे।

होली खेले भोलेनाथ…।

गौरा की बहन निराली वो तो हरिद्वार रहने वाली।

खेले पकड़ पकड़ के हाथ देखो गौरा के पीहर मे।

होली खेले भोलेनाथ…।

गौरा की बहन निराली वो तो नैनीताल रहने वाली।

भर रही रंगो की परात देखो गौरा के पीहर मे।

होली खेले भोलेनाथ…।

गौरा की बहन निराली वो तो विंध्याचल रहने वाली।

बोली तु डाल मै पात देखो गौरा के पीहर मे।

होली खेले भोलेनाथ…।

गौरा की बहन निराली वो तुलसी जी मतवाली।

जैसे लहरें हवा के साथ देखो गौरा के पीहर मे।

होली खेले भोलेनाथ…।

Categories: Shiv bhajan

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