
दादा जी श्रृंगर लो ना हो मेरी बाहर खड़ी
बारात।
छज्जा पै बुलबुल बैठी हे तोता की बैठी लार।
बन्नदड़े नै संठी मारी हे तोता की उड गई लार।
पापाजी श्रृंगर💐💐💐💐💐💐💐💐।
छज्जा पै बुलबुल बैठी हे तोता की बैठी लार।
बन्नदड़े नै संठी मारी हे तोता की उड गई लार।
ऐसे ही(चाचा,चाची,पापा,मम्मी,भैया,भाभी,
मौसा,मौसी,जीजा,जीजी,फुफा,बुआ,मामा,मामी)
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