
भजन के बारे में
एकादशी मैया की महिमा का भजन — जैसे देवताओं में शिव जी, वृक्षों में पीपल, देवियों में गौरा और पौधों में तुलसी बड़ी हैं, वैसे ही सब व्रतों में एकादशी मैया सबसे बड़ी हैं।
कब गाया जाता है: हर एकादशी पर, खासकर निर्जला और देवउठनी एकादशी के कीर्तन में।
मुखड़ा (Hinglish): Ekadashi Maiya sabse badi hai.
भजन के बोल
एकादशी मैया सबसे बडी है।
सबसे बडी है सबसे बडी है।
एकादशी मैया…।
सब देवो मे शिव जी बडे है।
शिवजी बडे है शिवजी बडे है।
इनकी तो पूजा श्री राम ने करी है।
एकादशी मैया…।सबसे बडी…।
एकादशी मैया…।
सब वृक्षों मे पीपल बडे है।
पीपल बडे है पीपल बडे है।
इनकी तो पूजा ब्रह्मा ने करी है।
एकादशी मैया…।सबसे बडी…।
एकादशी मैया…।
सब देवियों मे गौरा जी बडी है।
गौरा जी बडी है गौरा जी बडी है।
इनकी तो पूजा सीता जी ने करी है।
एकादशी मैया…।सबसे बडी…।
एकादशी मैया…।
सब पौधो मे तुलसा जी बडी है।
तुलसा जी बडी है तुलसा जी बडी है।
इनकी तो पूजा रुकमण ने करी है।
एकादशी मैया…।सबसे बडी…।
एकादशी मैया…।
सब सखियों मे राधा जी बडी है।
राधा जी बडी है राधा जी बडी है।
इनकी तो पूजा सारे जग ने करी है।
एकादशी मैया…।सबसे बडी…।
एकादशी मैया…।
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