
भजन के बारे में
जच्चा गीत — यशोदा मैया चुटकी बजाकर अपने लाला को खिलाती हैं; कभी गंगा-जमना में नहलाती हैं, कभी कुर्ता-टोपी पहनाती हैं, कभी लड्डू-माखन खिलाती हैं और कभी पालना झुलाती हैं।
कब गाया जाता है: बच्चे के जन्म, छठी, नामकरण, कुआँ पूजन और जन्माष्टमी पर।
मुखड़ा (Hinglish): Yashoda laal apne ko baja chutki khilaati hai.
भजन के बोल
यशोदा लाल अपने को बजा चुटकी खिलाती है।
कभी गंगा कभी जमना कभी हरिद्वार नहलाती है।
यशोदा लाल…।
कभी कुर्ता कभी धोती कभी टोपी पहनाती है।
यशोदा लाल…।
कभी लड्डू कभी पेड़े कभी माखन खिलाती है।
यशोदा लाल…।
कभी गोदी कभी कंधा कभी पलना झुलाती है।
यशोदा लाल…।
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