
बाहर खड़ी है कारो पे कार अन्दर लगी फुलझड़ियाँ
हजार पैसे कि कहानी है बजे शहनाईयां-पैसे कि
कहानी है बजे शहनाईयां।
दादा इतनी दूर रहे बुलाए तो कैसे बुलाए।
शादी कि तो जल्दी है बजे शहनाईयां।
बाहर खड़ी💐💐💐💐💐💐💐।
इसी तरह(ताऊ,पापा,चाचा,भाई,मामा,जीजा,फुफा)

बाहर खड़ी है कारो पे कार अन्दर लगी फुलझड़ियाँ
हजार पैसे कि कहानी है बजे शहनाईयां-पैसे कि
कहानी है बजे शहनाईयां।
दादा इतनी दूर रहे बुलाए तो कैसे बुलाए।
शादी कि तो जल्दी है बजे शहनाईयां।
बाहर खड़ी💐💐💐💐💐💐💐।
इसी तरह(ताऊ,पापा,चाचा,भाई,मामा,जीजा,फुफा)
0 Comments