
ये मिलते नहीं दोबारा रे करो मात
पिता की सेवा।
मात पिता हो रूप हरी का।
पार तिरण का एक तरीका।
यूँ वेद पुराण पुकारया रे
करो मात पिता की सेवा।
ये मिलते नहीं दौबारा 💐💐💐।
है जिंदगानी बस दस दिन की।
कदर करे ना जो नर इनकी।
वो फिरता मारा मारा रे
करो मात पिता की सेवा।
ये मिलते नहीं दौबारा 💐💐💐।
जितने तीरथ दुनिया भर में।
सबके सब हो अपने घर मे।
बहे आनंद गंग धारा रे
करो मात पिता की सेवा।
ये मिलते नहीं दौबारा 💐💐💐।
रामधन जे चावे सुख न्यारा।
रहिये मात पिता का प्यारा।
ये मिट जा दुखड़ा सारा रे
करो मात पिता की सेवा।
ये मिलते नहीं दोबारा 💐💐💐।
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