
तुम्हें जब भी बुलाऊ माँ तुम दौड़ी चली आना।
एक पल भी नहीं रुकना -2 मेरा मान बढा जाना।
नवरात्रों मे मैया तेरी ज्योत जगाउंगी।
जब ज्योत जगे तेरी-2हमे दर्शन दे जाना।
एक पल💐💐।तुम्हें जब भी💐💐।
सावन के महीने मे तेरा झुला डालुंगी।
जब झुला डले तेरा-2तुम झुलने आ जाना।
एक पल💐💐।तुम्हें जब भी💐💐।
फाल्गुन के महीने मे तेरा कलश भराउंगी।
जब रंग घुले मैया-2होली खेलन आ जाना।
एक पल💐💐।तुम्हें जब भी💐💐।
बीच भवँर मे माँ मेरी नैया डोल रही।
तुम नैया को आकर माँ पार लगा जाना।
एक पल💐💐।तुम्हें जब भी💐💐।
इस जालिम जमाने ने मुझे बहुत रुलाया है।
जब आसुं गिरे मेरे-2 तुम धीर बंधा जाना।
एक पल💐💐💐💐💐💐💐💐💐।
हो मै दुखयारी माँ तेरे दर पे आई हूँ।
दुख दूर करो मेरा-2तुम शरण मे ले लेना।
एक पल💐💐💐💐💐💐💐💐💐।
0 Comments