ले लो ले लो हरि का नाम करमा का साथी कोए नहीं।

एक माटी का दोए डिबला ।कै दोनवा का न्यारा-न्यारा भाग करमा का साथी कोए नहीं।

एक चैशै शिवजी कै आगे ।एक चैशै सुबह शाम करमा का साथी कोए नहीं ।

ले लो हरि …।

एक डाल कै दोए फुल सै ।तो दोनवा के न्यारे-न्यारे  भाग करमा का साथी कोए नहीं।एक चढै शिवजी कै आगे।तो एक गले का हार करमा का साथी कोए नहीं।

ले लो हरि …।

एक गाय कै दोए बाछड़ा ।तो दोनवा के न्यारे – न्यारे भाग करमा का साथी कोए नहीं ।एक बना शिवजी का नादिया।तो एक बंजारे का बैल करमा का साथी कोए नहीं।

ले लो हरि …।

एक रानी कै दोए लाल सै ।तो दोनवा के न्यारे – न्यारे भाग करमा का साथी कोए नहीं।एक बना नगरी का राजा ।तो एक मांग रहा भीख करमा का साथी कोए नहीं।

ले लो हरि …।

एक राजा कै दो रानी सै ।तो दोनवा के न्यारे – न्यारे भाग करमा का साथी कोए नहीं ।एक बनी महला की रानी ।तो एक उडावै काग करमा का साथी कोए नहीं ।

ले लो हरि …।

Categories: Bhajan

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