कन्हैया मेरे मन मै बस गया हे हे यो

इब निकलन का नाए।

जब सखियों हे मैंने जन्म लिया था

भाग मेरा ऐसा लिख दिया हे हे यो इब 

मिटने का नाए।

कन्हैया मेरे मन 💐💐💐💐💐💐

जब सखियों मेरी हुई हे सगाई।

ओम नाम कि गुठी बनवाई।

गुठी तो मेरै ऐसी फस गई हे हे या 

इब निकलन कि नाए।

कन्हैया मेरे मन💐💐💐💐💐💐।

जब सखियों हे मेरा लगन लिखाया।

ओम नाम का धागा बंधाया।

धागा तो मेरै ऐसा बंध गया हे हे यो इब 

खुलने का नाए।

कन्हैया मेरे मन💐💐💐💐💐💐।

जब सखियों हे मै बान बैठाई।

ओम नाम कि हल्दी लगाई।

हल्दी तो मेरै ऐसी रच गई हे हे

या इब उतरन कि नाए।

कन्हैया मेरे मन💐💐💐💐💐💐।

जब सखियों हे मै फेरा पै बैठी।

ओम नाम कि गाठं लगाई।

गठजोड़ा मेरा ऐसा बंध गया हे हे

यो इब खुलने का नाए।

कन्हैया मेरे मन💐💐💐💐💐💐।

जब सखियों हे मेरी हुई विदाई।

ओम नाम कि डोली बनवाई।

कन्हैया मेरी जड़ मै बैठ गया हे हे यो

इब उतरन का नाए।

कन्हैया मेरे मन💐💐💐💐💐💐।


0 Comments

Leave a Reply

Avatar placeholder

Your email address will not be published. Required fields are marked *