krishan bhajan
ऐसी के रचना रच गया तू जहां देखूं वहां तू ही तू।
ऐसी के रचना रच गया तू जहां देखूं वहां तू ही तू। मेरे मन बस गया तु जहां देखु वहां तु ही तु। बाबू बन के रेल चलावै। टी टी बन के टिकट कटावै। रेल का इंजन बन गया तू, जहां देखूं वहां तू ही तू। ऐसी के रचना रच💐💐💐💐💐💐💐💐💐💐। Read more…





