krishan bhajan
मेरो पकड़ो हरी नै हाथ अब डर काहे को।
मेरो पकड़ो हरी नै हाथ अब डर काहे को। बरसाने कि मै हूँ किशोरी। नन्दगाँव ससुराल अब डर काहे को। मेरो पकड़ो 💐💐💐💐💐💐💐💐💐। नन्द बाबा मेरे सुसर लगत है। नन्दरानी मेरी सास अब डर काहे को। मेरो पकड़ो 💐💐💐💐💐💐💐💐💐। बलदाऊ मेरे जेठ लगत है । सिर पे धर दियो हाथ Read more…






