Ekaadashi bhajan
गंगा जमना के मार्ग मे ।
गंगा जमना के मार्ग मे । पापी धर्मी जाए भज मन एकादशी। मै तैने बुझू रै पापीड़ा। के के पाप कमाये भज मन एकादशी। मन्दिर तुड़ाया मैने बावड़ी। समुंद्र की तोड़ी पाल भज मन एकादशी। मै तैने बुझू रै पापीड़ा। के के पाप कमाए भज मन एकादशी। भूखा तै मैंने Read more…





