Mata bhajan
मेरी सासु बुझैन लागी यो जम्मू कितनी कै दूर।
मेरी सासु बुझैन लागी यो जम्मू कितनी कै दूर। चालो तो नीड़ै लागै घर बैठा लागै दूर। पावां का पहिया बन गया हाथा का बना ब्रेक। मेरा दिल का ईंजन बन गया काया की बन गई रेल। या रेल छुकाछुक चालै मैया का झंडा हालै। हे जिठानी बुझैन लागी या Read more…







