
सास मेरी गेट खोल दे पित्रा नै लयाई सु नुहवाए।
बहू हे मैंने डर लागे सै पित्रा का उठे झरनाट।
सास मेरी भोली रहैगी घर की करै सै रखवाल।
जिठानी मेरी खीर बना ले पित्रा नै
लयाई सु नुहवाए।
बाहन मैंने डर लागे सै पित्रा का उठे झरनाट।
बाहन मेरी भोली रहैगी धीने की करै रखवाल।
दोरानी मेरी घुंघट काढ ले पित्रा नै
लयाई सु नुहवाए।
बाहन मैंने डर लागे सै पित्रा का उठे झरनाट।
बाहन मेरी भोली रहैगी खेती की करै रखवाल।
बहू हे मेरी कासन मांज ले पित्रा नै
लयाई सु नुहवाए।
सास मैंने डर लागे सै पित्रा का उठे झरनाट।
बहू हे मेरी भोली रहैगी गोद खिलावै नन्दलाल।
राजा जी मेरे ज्योत लगा दो पित्रा नै
लयाई सु नुहवाए।
गौरी रै हम दोनों लावा जोड़े तै लावा दोनों ज्योत।
पित्र म्हारे राजी हो गए बेड़ा करा सै म्हारा पार।
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