
पर्वत पै डमरु बाज रहा ।
गोकुल मै कन्हैया नाच रहा।
बोलो राधे राधे बोलो राधे राधे।
बगिया का फूल बगिया मै खिले।
मेरे मन का फूल सतसंग मै खिले।
सतसंग के बिना मेरा जिया ना लागै।
बोलो राधे राधे बोलो राधे राधे।
पर्वत पै डमरु…।
कपड़ें का मैल साबुन से कटे।
मेरे मन का मैल सतसंग मै कटे।
सतसंग के बिना मेरा जिया ना लागै।
बोलो राधे राधे बोलो राधे राधे।
पर्वत पै डमरु…।
पानी की झाल डोले पै डटे।
मेरे मन की झाल सतसंग मै डटे।
सतसंग के बिना मेरा जिया ना लागै।
बोलो राधे राधे बोलो राधे राधे।
पर्वत पै डमरु…।
मन्दिर की ज्योत मन्दिर मै चशै।
मेरे मन की ज्योत सतसंग मै चशै।
सतसंग के बिना मेरा जिया ना लागै।
बोलो राधे राधे बोलो राधे राधे।
पर्वत पै डमरु…।
चुल्हे की आग पानी से बुझै।
मेरे मन की आग सतसंग मै बुझै।
सतसंग के बिना मेरा जिया ना लागै।
बोलो राधे राधे बोलो राधे राधे।
पर्वत पै डमरु…।
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