
यो दादा पित्र मैनै बुलावै हे पपिहा बोला
पीपल मै।
ताजे पानी की भरी बाल्टी।
यो दादा पित्र मलमल नहावै हे पपिहा
बोला पीपल मै।
यो दादा पित्र मैनै…।
पाचों तो हे मै कपड़े लयाई।
या धोली धजा चढाई हे पपिहा
बोला पीपल मै।
यो दादा पित्र मैनै…।
घिस घिस चंदन भरी ऐ कटोरी।
यो दादा पित्र तिलक लगावै हे पपिहा
बोला पीपल मै।
यो दादा पित्र मैनै…।
देशी घी की ज्योत जगाई
यो दादा पित्र ज्योत पै आवै हे पपिहा
बोला पीपल मै।
यो दादा पित्र मैनै…।
हाथजोड़ पैरा पड़ गई।
यो दादा पित्र अन्न धन देवै हे पपिहा
बोला पीपल मै।
यो दादा पित्र मैनै…।
खीर चुरमे का भोग बनाया।
यो दादा भोग लगावै हे पपिहा
बोला पीपल मै।
यो दादा पित्र मैनै…।
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