रानी मांग रही वरदान राजा फूट फूट कर रोए।

तुम सुनो बात मेरे सैयां जब युद्ध मे टुटा पहिया।

अरे मैंने ऊंगली दई लगाए राजा फूट फूट कर रोऐ.।

रानी मांग रही💐💐💐💐💐💐💐💐💐।

तुम युद्ध जीत गए स्वामी तब बोले मिठी वाणी।

रानी मांगो तुम वरदान राजा फूट फूट कर रोऐ.।

रानी मांग रही💐💐💐💐💐💐💐💐💐।

आज मेरे दो वर देदो पहला भरत को राजतिलक हो।

दुजा राम जाए बनवास राजा फूट फूट कर रोऐ.।

रानी मांग रही💐💐💐💐💐💐💐💐💐।

रानी क्यु जिद ये ठानी क्यों करती हो मनमानी।

राम है जीने का आधार राजा फूट फूट कर रोऐ.।

रानी मांग रही💐💐💐💐💐💐💐💐💐।

रघुकुल रीत सदा चली आई प्राण जाए

 पर वचन ना जाए।

कह दो झुठे है वरदान राजा फूट फूट कर रोऐ.।

रानी मांग रही💐💐💐💐💐💐💐💐💐।

रानी ने एक ना मानी आज्ञा दी राम वन जानी।

राम को 14वर्ष बनवास राजा फूट फूट कर रोऐ.।

रानी मांग रही💐💐💐💐💐💐💐💐💐।

Categories: Ram bhajan

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