सारी मटकी का माखन बिखेर गयो रे l

यशोदा तेरा लाला किधर गयो रे।

घाटों में ढूंढ आई पनघट पे खोज़ आई l

गोपियों के बीच से निकल गयो रे l

यशोदा तेरा💐💐।सारी मटकी💐💐।

बागों में ढूंढ आई माली से पूछ आई l

कलियों के बीच से निकल गयो रे l

यशोदा तेरा💐💐।सारी मटकी💐💐।

सखियों से पूछ आई दाऊ से पूछ आई l

गलियों के बीच से निकल गयो रे l

यशोदा तेरा 💐💐।सारी मटकी💐💐।

वृन्दावन में खोज़ आई घर घर में बोल आई l

ब्रज की लताओं में छुप गयो रे l

यशोदा तेरा 💐💐।सारी मटकी 💐💐।


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