ओ वीणावादिनी मैया तुम्हें हम याद करते है।

झुकाकर शीश चरणों मे नमन सौ बार करते है।

ज्ञान की ज्योत जलाओ माँ ओ मेरी सरस्वती मैया।

ओ वीणावादिनी मैया…।

तुम्ही संगीत की देवी तुम्ही हो वेद की दाता।

साज सरगम सजाओ माँ-2ओ मेरी सरस्वती मैया।

ओ वीणावादिनी मैया…।

सजाकर हंस का वाहन लगा दो आज माँ फेरी।

पड़े ना चैन दर्शन दो-2करो ना माँ मेरी देरी।

ओ वीणावादिनी मैया…।

तेरे ही नाम से मैया सभी भव पार करते है।

जलाकर दीप चरणों मे नमन सौ बार करते है।

ओ वीणावादिनी…।झुकाकर शीश…।


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