दसो दसो सखियो केड़े वेले माखन चुराया।

भोले भाले कान्हा नु तुसी एवे चोर बनाया।

दसो दसो सखियो…।

सुबह सवेरे कान्हा मेरा गऊवा चरावन जावे।

सारा दिन वो गऊवा चरावे सांझ पड़े घर आवे।

गली गली विच इकट्ठा होके एवे रोला पाया।

दसो दसो सखियो…।

भोले भाले कान्हा…।दसो दसो सखियो…।

नन्हा मुन्ना कान्हा मेरा किवे छिके तो चढया।

हुण तुसी आइया देन उलहाना ओदो क्यों नहीं फड़या।

झुठी मुठ्ठी लाके तोहमता मेरा मन तड़फाया।

दसो दसो सखियो…।

भोले भाले कान्हा…।दसो दसो सखियो…।

दूध दही मखना दे पेड़े इस तो देवा वार।

सोहने सोहने कपड़ें पाके सोहना करा श्रृंगार।

मेरे घर किस चीज दा घाटा क्यों मेरा मन दुखाया।

दसो दसो सखियो…।

भोले भाले कान्हा…।दसो दसो सखियो…।

माथा टेक टेक कन्हैया सतगुरु तो मै लिता।

ए मेरी अखिया दा तारा एक पल दूर ना किता।

गली गली विच इकट्ठा होके एवे रोला पाया।

दसो दसो सखियो…।

भोले भाले कान्हा…।दसो दसो सखियो…।


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