
जय शनिदेव-जय शनिदेव-जय शनिदेव मनाऊँ मै।
अपने शनि की सेवा करके भवसागर तैर जाऊँ मै।
जब मेरे शनिदेव आन पधारे फूली नहीं समाऊँ मै।
आगंन मे फल फूल बिखेरु दुविधा दूर भगाऊँ मै।
जय शनिदेव💐💐💐💐💐💐💐।
जब मेरे शनिदेव बैठे सिंहासन माथे तिलक लगाऊँ मै।
सातबार परिक्रमा देकर चरणों मे शीश झुकाऊँ मै।
जय शनिदेव💐💐💐💐💐💐💐।
हलवा पूरी और मिठाई शनि को भोग लगाऊँ मै।
सुख सागर से जल भर लाऊँ शनि को नीर पिलाऊं मै।
जय शनिदेव💐💐💐💐💐💐💐।
खील पतासे ध्वजा नारियल शनि को भेंट चढा़ऊँ मै।
शीश धान चरणों मे रखकर जीवन सफल बनाऊँ मै।
जय शनिदेव💐💐💐💐💐💐💐।
शनिदेव है गुरु हमारे पल-पल शीश नवाऊँ मै।
शनि अपने की आई शरण मे बाल बधावा गाऊँ मै।
जय शनिदेव💐💐💐💐💐💐💐।
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