तेरे डमरु की धुन सुनके मै काशी नगरी आई हूँ।

मै काशी नगरी आई हूँ मै काशी नगरी आई हूँ।

तेरे डमरू की…।

सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी मे मुक्ति है।

उसी मुक्ति को पाने को मै काशी नगरी आई हूँ।

तेरे डमरु की…।मै काशी नगरी…।

तेरे डमरु की…।

सुना है हमने ओ भोले तेरी काशी मे गंगा है।

उसी गंगा मे नहाने को मै काशी नगरी आई हूँ।

तेरे डमरु की…।मै काशी नगरी…।

तेरे डमरु की…।

सुना है हमने ओ भोले तेरा काशी मे मन्दिर है।

उसी भगती को पाने को मै काशी नगरी आई हूँ।

तेरे डमरु की…।मै काशी नगरी…।

तेरे डमरु की…।

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Categories: Shiv bhajan

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