राम लखन सिया जानकी सखी सपनो मे देखा।

चार खम्ब चारों ओर गडे है।

मै जानु राम जी की पालकी सखी सपनों मे देखा।

राम लखन…।

चारों ओर चार दीपक जलत है।

मै जानु राम जी की आरती सखी सपनों मे देखा।

राम लखन…।

चारों ओर चार महल सजत है।

मै जानु राम जी की गद्दी सखी सपनों मे देखा।

राम लखन…।

Categories: Ram bhajan

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