
भजन के बारे में
मज़ेदार शिव भजन — भक्त भोले बाबा के लिए जल का लोटा, चंदन, फूलों की माला, मेवा-मिश्री और ढोलक-चिमटा लाती है, पर भोले बाबा तो गंगा, चंदा, नाग, भांग और डमरू से प्यार कर बैठे — ‘भोले बाबा कमाल कर बैठे’।
कब गाया जाता है: सावन, महाशिवरात्रि और महिला कीर्तन में।
मुखड़ा (Hinglish): Bhole Baba kamaal kar baithe, Gaura Rani se pyaar kar baithe.
भजन के बोल
भोलेबाबा कमाल बैठे गौरा रानी से प्यार कर बैठे।
गौरा रानी से प्यार कर बैठे भोलेबाबा कमाल कर बैठे।
मै तो लाई जल का लोटा ।
वो तो गंगा से प्यार कर बैठे भोलेबाबा कमाल कर बैठे।
भोलेबाबा…।
मै तो लाई घिस घिस चंदन।
वो तो चंदा से प्यार कर बैठे भोलेबाबा कमाल कर बैठे।
भोलेबाबा…।
मै तो लाई फूलों की माला।
वो तो नागों से प्यार कर बैठे भोलेबाबा कमाल कर बैठे।
भोलेबाबा…।
मै तो लाई मेवा मिश्री।
वो तो भंगिया से प्यार कर बैठे भोलेबाबा कमाल कर बैठे।
भोलेबाबा…।
मै तो लाई ढोलक चिमटा।
वो तो डमरू से प्यार कर बैठे भोलेबाबा कमाल कर बैठे।
भोलेबाबा…।
मै तो लाई किर्तन मे सखियां।
वो तो भगतो से प्यार बैठे भोलेबाबा कमाल कर बैठे।
भोलेबाबा…।
मै तो लाई हाथी घोड़े।
वो तो नन्दी से प्यार कर बैठे भोलेबाबा कमाल कर बैठे।
भोलेबाबा…।
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