भोले तुमसे मिलने का सावन का महिना है।

एक लोटा जल बेलपत्र हमें भोले पे चढाना है।

भोले तुमसे…।

पर्वत मे ढुंढा तुम्हें काशी मे पाया है।

सोमनाथ की गलियों मे-2 मेरे भोले का ठिकाना है।

भोले तुमसे…।

सुरज मे ढुंढा तुम्हें चंदा मे पाया है।

तारों की टिमटिम मे मेरे भोले का ठिकाना है।

भोले तुमसे…।

फूलों मे ढुंढा तुम्हें कलियों मे पाया है।

हरे बेलपतो मे मेरे भोले का ठिकाना है।

भोले तुमसे…।

यमुना मे ढुंढा तुम्हें गंगा मे पाया है।

सागर की लहरों मे-2 मेरे भोले का ठिकाना है।

भोले तुमसे…।

पेड़े मे ढुंढा तुम्हें मिठाई मे पाया है।

भांग धतूरे मे मेरे भोले का ठिकाना है।

भोले तुमसे…।

मन्दिर मे ढुंढा तुम्हें घर घर मे पाया है।

भगतो के ह्रदय मे-2 मेरे भोले का ठिकाना है।

भोले तुमसे…।

Categories: Shiv bhajan

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