
भजन के बारे में
कृष्ण और सुदामा की बचपन की दोस्ती का भजन — दोनों एक ही गुरु से पढ़ते थे। एक दिन गुरु जी ने ईंधन लाने जंगल भेजा, बारिश होने लगी और भूख लगने पर सुदामा ने चुपके से चने चबा लिए; कन्हैया पूछते हैं — भैया क्या खा रहे हो?
कब गाया जाता है: जन्माष्टमी, कृष्ण कीर्तन और सत्संग में।
मुखड़ा (Hinglish): Krishna Sudama ki bachpan ki baat hai, pehli mulaakaat Shyam pehli mulaakaat hai.
भजन के बोल
कृष्ण सुदामा की बचपन की बात है।
पहली मुलाकात श्याम पहली मुलाकात है।
एक ही गुरु जी से शिक्षा पढे थे।
कृष्णा थे छोटे सुदामा बडे थे।
ना मानो तो पढ के देखो डंडों की मार है।
पहली मुलाकात…।
एक दिन गुरु जी ने ईंधन मंगाया।
कृष्ण सुदामा को जंगल मे बैठाया।
जंगल के बीच बीच हुई बरसात है।
पहली मुलाकात…।
एक दिन सुदामा को भूख ने सताया।
चोरी से सुदामा ने चने को चबाया।
पुछत कन्हैया भैया तुम क्या खात हो।
पहली मुलाकात…।
ऐसो जाडो लागो भैया दात कटकटात है
पहली मुलाकात…।
ऐसे वचन तब बोले मुरारी।
जाओ सुदामा जन्म रहो भिखारी।
बचपन की श्राप लगी बहुत बडी बात है।
पहली मुलाकात…।
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